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18 अगस्त को होने वाली सुनवाई तक गोवा में कैसीनो जहाज़ पर रोक जारी रहेगी

Anchal Verma
लेखक Anchal Verma
अनुवादक MK

मांडवी नदी में एक नए ऑफशोर कैसीनो जहाज़ के आने को लेकर गोवा का कानूनी विवाद जारी रहेगा, क्योंकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने 18 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई तक अपनी अंतरिम रोक को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता ‘इनफ इज़ इनफ’ (Enough is Enough) को कैसीनो कंपनी द्वारा जमा किए गए हलफनामे का जवाब (rejoinder) दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय भी दिया। साथ ही, जब तक मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है, जहाज़ को पणजी पोर्ट से बाहर रखने का आदेश भी बरकरार रखा।

कोर्ट ने प्रतिबंध बरकरार रखे

बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने मामले की सुनवाई 18 अगस्त तक के लिए टाल दी और पुष्टि की कि तब तक उसका पिछला अंतरिम आदेश लागू रहेगा। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के अनुसार, याचिका दायर करने वाले नागरिक समूह ‘इनफ इज़ इनफ’ को कैसीनो कंपनी के हलफनामे का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया।

विवाद इस बात पर है कि क्या नया कैसीनो जहाज़ मांडवी नदी में प्रवेश कर सकता है और पणजी पोर्ट से काम कर सकता है। जब तक कोर्ट मामले पर कोई फैसला नहीं सुनाता, तब तक मौजूदा अंतरिम निर्देशों के तहत जहाज़ नदी में नहीं जा सकता।

कोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि सभी कानूनी सर्टिफ़िकेशन (statutory certifications) प्राप्त किए बिना जहाज़ पणजी पोर्ट में प्रवेश नहीं करेगा।अदालत ने यह भी कहा कि उन मंज़ूरियों को हासिल करने के बाद भी, जहाज़ को बंदरगाह में प्रवेश करने से पहले अदालत से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

सर्टिफिकेशन एक अहम मुद्दा बना हुआ है

मामला इस बात पर केंद्रित है कि क्या जहाज़ ने संचालन के लिए ज़रूरी सभी कानूनी और तकनीकी आवश्यकताओं का पालन किया है।

6 मई को जारी अपने आदेश में, हाई कोर्ट ने कहा कि जहाज़ के पास सर्वे का सर्टिफ़िकेट नहीं था। यह सर्टिफ़िकेट उन दस्तावेज़ों में से एक है जिनका इस्तेमाल यह साबित करने के लिए किया जाता है कि जहाज़ संचालन से पहले लागू सुरक्षा और नियामक मानकों को पूरा करता है।

अदालत ने कैसीनो कंपनी को एक आवेदन दायर करने की अनुमति दी, जिसमें इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 या मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 2025 के तहत ज़रूरी सभी अनुमतियों और सर्टिफ़िकेशन का विवरण हो – यह इस बात पर निर्भर करेगा कि जहाज़ पर कौन सा कानून लागू होता है। अदालत ने कहा कि पणजी बंदरगाह में जहाज़ के प्रवेश पर कोई भी आगे का निर्णय लेने से पहले उन दस्तावेज़ों की जांच की जानी चाहिए।

कानूनी चुनौती

यह जनहित याचिका ‘इनफ इज़ इनफ’ (Enough is Enough) ने दायर की थी, जो गोवा का एक नागरिक आंदोलन है और राज्य में ऑफशोर कैसीनो के विस्तार का विरोध करता रहा है। इस समूह ने मांडवी नदी पर अतिरिक्त कैसीनो संचालन के पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में चिंता जताई है और प्रस्तावित जहाज़ के लिए अपनाई गई नियामक प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

विवाद के केंद्र में मौजूद जहाज़ का मकसद मांडवी नदी में लाइसेंस के तहत चल रहे मौजूदा ऑफशोर कैसीनो जहाज़ की जगह लेना है। अदालत के सामने रखी गई रिपोर्ट के अनुसार, नए जहाज़ की यात्री क्षमता मौजूदा जहाज़ की तुलना में काफी ज़्यादा है, जिससे इसका प्रस्तावित इस्तेमाल चल रहे मुकदमे में एक अहम मुद्दा बन गया है।

मई में हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद, याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट भी दायर की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगर हाई कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ कोई अपील दायर की जाती है, तो उनकी बात सुनी जाए। तब से बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के सामने कानूनी कार्यवाही जारी है।

मामले का अगला चरण 18 अगस्त को तय है, जब हाई कोर्ट से याचिकाकर्ता द्वारा दायर जवाब (rejoinder) की समीक्षा करने और कैसीनो कंपनी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों पर विचार करने के बाद आगे के निर्देशों पर फैसला लेने की उम्मीद है।

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